हमें लगता है वो आएगे
हमें लगता है वो आएंगे
मगर किन शर्तों पर आएंगे
ये सोच के डर लगता हैं
हमें लगता है वो आएंगे
जिस मृगतृष्णा की दौड़ मे है ये जी
इसे लगता है वहाँ जाकर प्यास बुझ जाएगे,
मगर प्यास अधुरे तो न रह जाएगे
हमें लगता है वो आएंगे
एक घर रोशन करने के वासते ना जाने कितने घरों का उजाला छीना हमने,अब वो लोग ये हिसाब मागने आएंगे
हमें लगता है वो आएंगे
हा फिर अधेरो मे लौटना होगा,हा फिर निराशा मे जीना होगा
हा फिर लढेगे अंतरद्वन्दो से मगर हम फिर लौट आएंगे
हमें लगता है वो आएंगे

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