मुसाफ़िर
सफर जिंदगी मे मुसाफिरों से मिलना बिछड़ना पड़ा
वो जुदा थी, बिछड़ के मुस्कुराते रहेंगे ये वादा करना पड़ा
हा मुश्किल होगी उसे यूं दूर जाते देख पाने मे
ये जानकर भी वही रुकना पड़ा
सफर जिंदगी मे मुसाफिरों से मिलना बिछड़ना पड़ा
उसकी हर प्यारी यादो को खुद मे ही समेटना पड़ा
इस सफर को एक खूबसूरत मोड देकर छोड़ना पड़ा
सफर जिंदगी मे मुसाफिरों से मिलना बिछड़ना पड़ा
फिर एक नये सफर में निकलना पड़ा
खुद को एकबार फिर जोड़ जोड़ कर खडा करना पड़ा
सफर जिंदगी मे मुसाफिरों से मिलना बिछड़ना पड़ा
वो जुदा थी,बिछड़ने के मुस्कुराते रहेंगे ये वादा करना पड़ा

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